अंतिम शब्द
” उन्होंने ( पत्नी और सास) मेरे खिलाफ दहेज, घरेलू हिंसा का झूठा मामला दर्ज कराया है। मुझे स्कूल से अनुपस्थित रहने के कारण कोर्ट की तारीखों पर उपस्थित होने के लिए महीने में तीन बार 500 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। मैं अब और नहीं सह सकता।”
यह थे सीतापुर, उत्तर प्रदेश के लखनियापुर स्थित एक स्कूल में सहायक अध्यापक कोविंद कुमार जी जिन्होंने ने अपनी पत्नी और सास पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली।
भारत में लाखों पुरुष इस तरह की मुसीबतों का सामना कर रहे हैं। कई केस- कई तारीखें। भले ही उन्होंने कुछ भी न किया हो, लेकिन पत्नी के कहने पर उन्हें खुद का बचाव करने के लिए आरोपी बना दिया जाता है। हर कोई मानसिक रूप से इस दबाव को झेलने में सक्षम नहीं है क्योंकि पुरुषों को पिछले 30 सालों में मक्कारी, अय्यारी, जुल्म, हिंसा, कमीनापन छोड़ सभ्य इंसान बनने की सीख पिलाई जा रही है।
जब जब हम युवाओं को high rank passport holder में रिश्तेदारी देखने की कहते है तो कुछ लोग कहते है कि भाई यह अपवाद है। लाखों में एक के साथ हो रहा है
क्या आप एग्री होंगे वह एक अकेला आप हो??? चलो करोड़ में एक कर लो, आप लेलोगे अपने सर पर????

Credit: मै कट्टर हिन्दू Source: https://www.facebook.com/share/p/16HGx3MAo7/
